सरकारी प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में फर्नीचर के लिए अब विधायक निधि से पैसा लिया जाएगा। लोक लेखा समिति की बैठक में इसकी सिफारिश की गई। बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव आरवी सिंह ने निर्देश दिए हैं कि इसके लिए क्षेत्र के सभी विधायकों से पत्र लिख कर अनुरोध किया जाए। प्रदेश में 1.50 लाख सरकारी स्कूल हैं।
अभी ऑपरेशन कायाकल्प के लिए पंचायत विभाग के साथ काम किया जा रहा है। इसमें ग्राम पंचायत निधि, 14वें व 15वें वित्त आयोग से धनराशि इस्तेमाल करने के निर्देश हैं। लेकिन अब लोक लेखा समिति की बैठक में कहा गया है कि विधायक निधि से फर्नीचर की व्यवस्था की जा सकती है। विधायक निधि के मार्गदर्शी सिद्धांत के प्रस्तर 23 में व्यवस्था की गई है कि स्कूलों में विधायक निधि से फर्नीचर खरीदा जा सकता है। अब विभाग ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के विधायकों को पत्र लिख कर स्कूल के लिए फर्नीचर देने का अनुरोध करें।
अभी तक प्रदेश के लगभग 30 हजार स्कूलों में फर्नीचर खरीदने के आदेश दिए गए हैं। इसमें डेस्क बेंच जुड़ी हुई हैं और इनके मानक विभाग ने जारी किए हैं। वहीं कुछ स्कूलों में सीएसआर के तहत फर्नीचर खरीदा गया है, इनका ब्यौरा विभाग जुटा रहा है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 14 मानकों पर काम किया जा रहा है और मार्च 2022 तक सभी मानकों को संतृप्त करना है। 2019 में विभाग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को प्रेरक प्रदेश बनाने की शपथ ली थी।
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