यूपी के ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 2.25 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं के घर बिजली बिल वसूली के लिए अब 15427 विद्युत सखियां पहुंचेंगी। इन सखियों के लिए बिल कलेक्शन को डिजिटली आसान करने के लिए “विद्युत सखी ऐप” को लांच किया गया है। इसके साथ ही इन्हें बिलिंग के लिए थर्मिल प्रिंटर मशीन दिया गया है। बहुत जल्द उ.प्र. पावर कारपोरेशन इन्हें बिलिंग एजेंसियों के माध्यम से मीटर रीडर की जिम्मेदारी भी देगा। शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह “मोती सिंह” ने ऐप की लांचिग के साथ ही थर्मल प्रिंटर विद्युत सखियों को वितरित किया।
सखियों के लिए 15 हजार कलस्टर बनाए गए: मनोज सिंह
अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह ने कहा कि विद्युत सखियों के कार्यक्षेत्र के लिए राज्य में 15 हजार कलस्टर बनाए गए हैं। एक कलस्टर में चार पंचायतें शामिल की गई हैं। प्रत्येक सखी के पास पांच से आठ हजार विद्युत उपभोक्ता होंगे। उ.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक भानु चंद्र गोस्वामी ने ऐप के प्रयोग और थर्मल प्रिंटर का आपरेशन कैसे किया जाएगा इसे विस्तार से बताया। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि प्रत्येक विद्युत सखी के खाते में 30 हजार रुपये यानी 45 करोड़ रुपये कारपस फंड के रूप में डाल दिया गया है।
50 हजार रुपये महीना तक कमा सकेंगी सखियां: देवराज
पावर कारपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से हर महीने करीब 2.5 हजार करोड़ का बिजली बिल बनता है। 2.25 करोड़ उपभोक्ताओं के बीच से बिजली बिल वसूली में विद्युत सखी की भूमिका अहम होगी। सखियों को मीटर रीडर का काम भी दिया जाएगा। थोड़ा सा प्रयास कर 50 हजार रुपये महीने तक कमाई कर सकेंगी। प्रति रीडिंग 10 रुपये कारपोरेशन देगा। प्रति बिलिंग 20 रुपये कमीशन पहले से तय है। ग्रामीणों के बीच विद्युत सखी पावर कारपोरेशन के प्रतिनिधि के रूप में रहेंगी। विभाग के एक्सईएन और जेई इन्हें पूरा सम्मान देंगे।
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